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stentक्या हम रोजाना के कैलरी इनटेक में बदलाव करके डायबीटीज़ के खतरे से राहत पा सकते हैं? एक अध्ययन में ऐसा दावा किया गया है कि डाइट को कंट्रोल करके डायबीटीज़ के खतरे को दूर किया जा सकता है। भारत में भी इस अध्ययन की प्रमाणिकता के लिए कई तरह के प्रयोग और मामलों का अध्ययन किया जा रहा है।

हालांकि यह अध्ययन अभी प्रयोग के दौर में है लेकिन अध्ययन का दावा है कि शुरुआती दौर में कैलरीज को कंट्रोल करके और डाइट में कुछ जरूरी बदलाव करके डायबीटीज़ के लेवल को कम किया जा सकता है।

यह अध्ययन बहुत कम कैलरी वाली डाइट (वेरी लो कैलरी डाइट- वीएलसीडी) पर आधारित है। इस अध्ययन के तहत कुछ ऐसे लोगों का चयन किया गया जिनमें डायबीटीज़ शुरुआती दौर में था। उन्हें दवा नहीं दी गई लेकिन उनकी डाइट को कंट्रोल कर दिया गया। उनके रोजाना के कैलरी इनटेक को कम किया गया, जिससे उनके वजन में तेजी से गिरावट हुई।

वीएलसीडी डाइट का उद्देश्य बिना ऑपरेशन के बेरिएट्रिक सर्जरी का फायदा पाना है। फॉर्टिस हॉस्पिटल के डॉक्टर अनूप मिश्रा ने बताया ‘हमने इस अध्ययन को कई मरीजों पर आजमाया है लेकिन मनमुताबिक नतीजे पाने में असफलता ही मिली है। इसका एक बड़ा कारण यह है कि कोई भी लंबे समय तक इस डाइट चार्ट को फॉलो नहीं कर सका। मैक्स हॉस्पिटल के डॉक्टर सुजीत झा ने भी इस अध्ययन को कुछ मरीजों पर ट्राई करने की बात कही है।

उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले उनके पास एक शख्स आया। उसकी उम्र 48 साल थी और उसका डायबीटीज़ अर्ली स्टेज में था। उसने कहा कि वह जिंदगीभर डायबीटीज़ कंट्रोल करने के लिए दवा नहीं ले सकता। इसके बाद उसे वीएलसीडी डाइट पर रखा गया। हालांकि डॉक्टर्स अभी इसके परिणामों पर बात नहीं करना चाहते हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि अमूमन एक शख्स एक दिन में 1600 से 1800 कैलरी इनटेक करता है जबकि वीएलसीडी के तहत कैलरी इनटेक को कम करके 600 से 800 करने की कोशिश की गई। मेडिकल जर्नल डायबीटीज़ केयर में प्रकाशित इस अध्ययनमें कहा गया है कि एक निययत समयावधि तक वीएलसीडी पर रहने से पैंक्रियाज़ से अतिरिक्त फैट दूर हो जाता है। इससे बीटा सेल्स दोबारा से इन्सुलिन की सामान्य मात्रा बनाना शुरू कर देती हैं।

डॉक्टर झा के अनुसार, वीएलसीडी डाइट फॉलो करना मुश्किल टास्क है। कैलरी इनटेक को कम करने के साथ ही यह भी जरूरी है कि मरीज प्रोटीन, विटमिन और मिनरल्स की अच्छी मात्रा लेता रहे। इसके अलावा किडनी और लिवर की समय-समय पर जांच कराते रहना भी आवश्यक है।

न्यूकैसल यूनिवर्सिटी और लागोस यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने करीब 30 डायबीटीज़ मरीजों को वीएलसीडी डाइट पर आठ सप्ताह के लिए रखा। आठ सप्ताह बाद इन 30 में से 12 का इन्सुलिन लेवल नॉर्मल हो गया। हालांकि डॉक्टर झा का कहना है कि अभी पूरी प्रमाणिकता के साथ कुछ भी नहीं कहा जा सकता। अभी इसके लिए कुछ और अध्ययन किए जाने की जरूरत है।

source by :  navbharattimes


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